भारतीय सेना की 14 इन्फैंट्री डिवीजन द्वारा आज देहरादून शहर के पूर्व सैनिकों और वीर नारियों के सम्मान में दो विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए। यह भव्य आयोजन मेजर जनरल नवीन महाजन, सेना मेडल, जनरल ऑफिसर कमांडिंग (GOC), 14 इन्फैंट्री डिवीजन के दूरदर्शी मार्गदर्शन में चलाए जा रहे आउटरीच प्रोग्राम का महत्वपूर्ण अंग है। उल्लेखनीय है कि गोल्डन की गनर्स (Golden Key Gunners) ने गोल्डन की डिवीजन की ओर से इन गरिमामयी कार्यक्रमों का सफल आयोजन किया।
वीर नारियों के सम्मान में आयोजित एक विशेष समारोह का नेतृत्व श्रीमती कुशा महाजन, अध्यक्षा, फैमली वेलफेयर ऑर्गेनाइजेशन, 14 इन्फैंट्री डिवीजन के द्वारा किया गया। इस गरिमामयी कार्यक्रम में श्रीमती महाजन ने 23 वीर नारियों से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात की और शाल भेट कर उन्हें सम्मानित किया। उन्होंने आश्वासन दिया कि गोल्डन की डिवीजन (GOLDEN KEY DIVISION) परिवार हर कदम पर उनके साथ खड़ा है। इस दौरान अनेक रंगारंग कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया।
मुख्य कार्यक्रम का संचालन करते हुए बताया गया कि दिसंबर 2024 से अब तक देहरादून शहर में लगभग 28,000 पूर्व सैनिकों को जियो-लोकेट (Geo-locate) किया गया है तथा डिवीजन की ‘सतत मिलाप’ टीमों ने घर-घर जाकर 5,893 पूर्व सैनिकों, 1,137 विधवाओं और 36 वीर नारियों से सीधा संवाद स्थापित किया। अभियान के दौरान दर्ज की गई 512 शिकायतों में से 93% का सफलतापूर्वक समाधान किया जा चुका है, जिसमें पेंशन, SPARSH पोर्टल और ECHS से जुड़े संवेदनशील मामले शामिल रहे।
कार्यक्रम के दौरान मेजर जनरल नवीन महाजन, सेना मेडल ने अक्षम पूर्व सैनिकों की गतिशीलता बढ़ाने के लिए चिकित्सा उपकरणों का वितरण किया गया। इस विशेष अवसर पर उन्होंने वेटरन्स को इलेक्ट्रिक व्हीलचेयर, हीयरिंग एड और इलेक्ट्रिक स्कूटर भेंट कर उनके प्रति सम्मान व्यक्त किया।
इस दौरान हवलदार कमल कुमार थापा, हवलदार ओम प्रकाश, लांस नायक विजय सुंडली और राइफलमैन संजय सिंह को इलेक्ट्रिक व्हीलचेयर प्रदान की गई।
हवलदार राजेश कुमार, हवलदार ईलम सिंह, सुबेदार मेजर डी.पी. शर्मा और सुबेदार मथुरा प्रसाद को हीयरिंग एड वितरित किए गए।
हीरो मोटोकॉर्प के CSR सहयोग से सुबेदार सी.एम. जोशी, सेना मेडल को एक इलेक्ट्रिक स्कूटर प्रदान किया गया।
अपने संबोधन में जीओसी, 14 इन्फैंट्री डिवीजन ने कहा, “आज का यह कार्यक्रम केवल एक औपचारिकता नहीं, बल्कि एक संकल्प है। हम अपने उन सैनिकों के प्रति कृतज्ञ हैं जिन्होंने अपना जीवन देश के लिए न्योछावर कर दिया। हमारी सेना उसी प्रतिबद्धता के साथ आज भी आपके लिए खड़ी है, जिसके साथ आप कभी राष्ट्र की सीमाओं पर खड़े थे।”
यह कार्यक्रम न केवल सैन्य परंपराओं का प्रदर्शन था, बल्कि एक विश्वास था कि सेवानिवृत होने के बाद भी सेना अपने सैनिकों और उनके परिवारों का साथ कभी नहीं छोड़ती। कार्यक्रम के एक अन्य महत्वपूर्ण चरण में, जीओसी 14 इन्फैंट्री डिवीजन ने 10 ई-रिक्शा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह पहल सेना की ‘ग्रीन स्टेशन’ की प्रतिबद्धता का एक हिस्सा है, जिसका उद्देश्य सैन्य स्टेशनों में प्रदूषण कम करना और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना है। ये ई-रिक्शा स्टेशन के परिवारों और वेटरन्स के लिए सुलभ व निःशुल्क परिवहन सुनिश्चित करेंगे।
इस कार्यक्रमों के दौरान सेना के कई वरिष्ट अधिकारी, हीरो मोटो कार्प के दो प्रतिनिधि श्री दलजीत सिंह व सुश्री निशा रावत तथा अन्य पूर्व सैनिक व उनके परिवारजन मौजूद रहेl
कार्यक्रम का समापन जीओसी महोदय द्वारा सभी को नए साल की बधाई देने के साथ हुआ। तत्पश्चात, एक संवाद में उन्होंने पूर्व सैनिकों व उनके परिवारों से मुलाकात कर उनका कुशलक्षेम जाना और सैन्य भाईचारे की परंपरा को और प्रगाढ़ किया।
