तमाम विभागों में दशकों से कुंडली मारे बैठे कर्मचारी भरस्टाचार का जीता जागता उदाहरण,!जनपद हरिद्वार,!
जब नियम कानून केवल किताबों या बताने तक सीमित रह जाएँ तो समझो भ्रस्टाचार देश की जड़ो तक व्याप्त हो चुका है,,हम बात सिर्फ चकबंदी विभाग की नहीं वल्कि अन्य उन सभी बिभागों की करते हैं जिनके स्थानांतरण पर भी विभागीय नियम कानून खासकर उत्तराखंड में लागू नहीं होता,, क्यों की सैकड़ो की संख्या मे वर्षो से तैनात कर्मचारी भारतीय संबिधान, विभागीय नियमो को ताक में रखकर अंगद का पैर साबित हो रहे है,, सोचनीय बात यह है कि यह लापरवाही प्रशासन की नहीं है तो फिर जिम्मेदार कौन है,,? लघु सिचाई विभाग हो या फिर जल संस्थान, वन विभाग हो या चकबंदी विभाग रुड़की हरिद्वार,, सभी जगह एक ही कहावत चरितार्थ हो रही है सैयां है कोतवाल तो अब डर काहे का,, सूत्रो का कहना है कि कुंडली मारे कर्मचारी कहते है कि हमारी पहुंच ऊपर तक है,, मतलब ऊपर ☝️
