हरिद्वार ज्वालापुर क्रच मोहल्ला बन रहा सट्टे का बाजार, सांय होते ही शुरू हो जाता है सट्टे व खाई बाड़ी का बड़े स्तर पर मायाजाल, एक बड़ी ओर अहम कार्यवाही के इन्तजार मे जनता,
हरिद्वार जनपद का ज्वालापुर क्रच मोहल्ला मैं जगपाल के घर के ऊपर इन दिनों अवैध गतिविधियों का गढ़ बनता जा रहा है। जिस इलाके की पहचान धार्मिक नगरी के शांत वातावरण और विकासशील कॉलोनियों से होनी चाहिए, वहां अब सट्टेबाजी और खाई बाड़ी का अवैध कारोबार तेजी से अपने पांव पसार चुका है। सांय ढलते ही क्षेत्र की कई गलियां व कोने सट्टा बाजार में तब्दील हो जाते हैं। यह कारोबार न सिर्फ युवाओं को बरबादी की राह पर धकेल रहा है, बल्कि पुलिस और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।
छोटे दांव से बड़े खेल तक
स्थानीय लोगों के अनुसार ज्वालापुर क्रंच मोहल्ला जगपाल के घर के ऊपर शाम 6 बजे के बाद से सट्टा खाई बाड़ी का खेल तेज़ी पकड़ लेता है। यह नेटवर्क संगठित तरीके से काम करता है – एक ओर “खाई-बाड़ी” के नाम पर नंबर और आंकड़े तय होते हैं तो दूसरी ओर रकम की वसूली व वितरण के लिए बाकायदा एजेंट तैनात रहते हैं।
युवाओं के भविष्य पर काला साया,
सट्टे की लत ने कई परिवारों को बर्बादी की कगार पर पहुंचा दिया है। मोहल्ले के 18 से 25 वर्ष के युवा सबसे अधिक इस जाल में फंस रहे हैं। आसानी से पैसा कमाने के लालच में पढ़ाई छोड़कर पूरी रात “नंबर” और “खाई-बाड़ी” के चक्कर में डूबे रहते हैं। कई मामलों में जब दांव हार जाते हैं तो कर्ज चुकाने के लिए चोरी, मारपीट या अन्य अपराधों का रास्ता पकड़ लेते हैं। इस वजह से ज्वालापुर की छवि लगातार धूमिल होती जा रही है।
हलाकि पुलिस द्वारा भी समय समय पर कि जाती है आवश्यक कार्यवाही, बावजूद इसके गुप्त रूप से बड़े स्तर पर चल रहा सट्टे का नेटवर्क,
बता दें कि क्षेत्रवसियों को स्वयं भी इनके खिलाफ मोर्चा खोलना पड़ेगा, हलाकि ज़ब भी पुलिस को इनकी कोई सूचना देता है यों पुलिस तुरंत कार्यवाही कर इन पर दबिश दे डालती है, लेकिन इनका नेटवर्क इतना मजबूत ओर सटीक है कि ज़ब भी इनकी ओर कोई रुख करता है तो इनके गुर्गे पहले ही इन तक सूचना पहुंचा देते है,,,
