वैसे तो आँचल का नाम आते ही. माँ की यादें ताज़ा ho जाती हैँ,, माँ के स्नेह और ममता की कहानी ही आंचल के साथ शुरू होती है,, शायद इसलिए दूध के व्यापार से जुड़े संस्थान ने आँचल डेयरी का नाम दिया लेकिन वहीं दूसरी ओर इस नाम पर तब सवाल उठने लगे जब इसकी आड़ लेकर लोग बीड़ी, सिगरेट, गुटका आदि की बिक्री करने लगे,, हालांकि ये व्यवसाय मानवता के लिए कलंक तो साबित होता ही है साथ ही आँचल डेयरी जैसे पवित्र नाम पर बदनुमा दाग़ भी साबित होता है,, यह मामला सिर्फ नवोदय नगर ही नहीं वल्कि पूरे हरिद्वार मे बेखौफ़ चल रहा है,, अब देखना यह है कि क्या प्रसाशन इस तरह के अवैध व्यवसाय पर लगाम लगाने मे कामयाब होगा,, या फिर यू हीं चलता रहेगा यह मौत का व्यापार,,
