एक भेंट के दौरान विपिन जायसवाल ने बताया कि उन्होंने सन 2023 में आबकारी अधिकारी प्रभाशंकर मिश्रा के समक्ष आबकारी विभाग हरिद्वार में शराब ठेके हेतु आवेदन किया था उनका आवेदन सौ परसेंट होने के बाद भी ₹50 या 52 परसेंट वाले को तत्कालीन आबकारी अधिकारी प्रभाशंकर मिश्रा द्वारा ठेका दे दिया गया लेकिन विपिन जायसवाल को नहीं दिया गया इस बात को लेकर विपिन जायसवाल नैनीताल हाई कोर्ट की शरण में पहुंचे जहां उन्होंने अपील लगा कर न्याय की गुहार लगाई नैनीताल हाईकोर्ट ने मामले को गंभीरता पूर्वक लेते हुए तुरंत शराब ठेको को बंद करने का आदेश पारित किया लेकिन सन 2023 के बाद आज तक हरिद्वार जिला प्रशासन द्वारा उस आदेश की धज्जियां उड़ाई जाती रही,,, और आज तक वह शराब ठेके जस के तस चल रहे,,
कोई भी प्रक्रिया नहीं होने पर विपिन जायसवाल द्वारा पुन: हाई कोर्ट नैनीताल का दरवाजा खटखटाया और सारी बात पुनः कोर्ट के समक्ष रखी कोर्ट ने न्यायलय की अवमानना की कार्रवाई कर हरिद्वार जिला प्रशासन को भेजा नोटिस जो अभी भी ठंडे बस्ते में पड़ा हुआ है,,
