लक्सर (फ़रमान खान) देशभर के पैरामेडिकल संस्थानों में 10वां राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस बड़े उत्साह और धूमधाम के साथ मनाया गया। इस वर्ष आयुर्वेद दिवस की थीम “वैश्विक स्वास्थ्य के लिए आयुर्वेद नवाचार” रही, जिसने आयुर्वेद की प्राचीन चिकित्सा पद्धति को आधुनिक स्वास्थ्य समाधानों के साथ जोड़ने पर जोर दिया। विभिन्न पैरामेडिकल कॉलेजों और संस्थानों में आयोजित समारोहों में छात्रों, शिक्षकों और स्वास्थ्य पेशेवरों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।रायसी के जेएसएस नर्सिंग एंड पैरामेडिकल कॉलेज में आयुर्वेद दिवस के उपलक्ष्य में एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर आयुर्वेदिक चिकित्सा के महत्व और इसके वैश्विक स्वास्थ्य में योगदान पर चर्चा की गई। कॉलेज के चेयरमैन डॉ कटार सिंह ने अपने संबोधन में कहा, “आयुर्वेद न केवल भारत की प्राचीन विरासत है, बल्कि यह आधुनिक चिकित्सा विज्ञान के साथ मिलकर वैश्विक स्वास्थ्य चुनौतियों का समाधान भी प्रस्तुत करता है।” कार्यक्रम में छात्रों ने आयुर्वेदिक औषधियों और उनकी उपयोगिता पर आधारित प्रदर्शनी आयोजित की, जिसमें विभिन्न जड़ी-बूटियों और उनके चिकित्सीय लाभों को प्रदर्शित किया गया। इसके अलावा, योग और प्राकृतिक चिकित्सा पर कार्यशालाएँ भी आयोजित की गईं, जिनमें पैरामेडिकल छात्रों ने सक्रिय भागीदारी दिखाई। कार्यक्रम में मुख्य रूप से डॉ भावेश कुमार प्रोफेसर अमन कुमार प्रोफेसर विशांत चौहान प्रोफेसर अनुष्का थापा प्रोफेसर रितेश दीपक कुमार आदि शिक्षक गण मौजूद रहे।
