हम ना तो किसी के विरोध मे हैँ ना ही पक्ष में बस इतना जरुर कहूंगा कि यदि आपने अपने बच्चों के सपनो का आशियाना खरीदा है तो उसका खसरा नम्बर चेक करें साथ ही अपने पटवारी से मिलकर उस खसरे का सत्यापन कराएं ताकि आने वाली पीढ़ी आपको बुद्धिमान समझे,, बाकी तो एक बार सूर्या नगर कलौनी रोशनाबाद की जानकारी करें 🙏🙏🙏)
( धर्म शास्त्रों से यदि कुछ सीखना है तो उनका चिंतन करो तुमको मात देने वाला क़ोई तुम्हारा खास ही होगा दूसरा क़ोई नहीं,,रावण की मौत का कारण विभीषण ही था क़ोई और नहीं,,,)
( टी एच डी सी और चंद्रभूषण डीलर की मिली भगत से जिस ज़मीन को खसरा नम्बर 421 और 399 बताया गया अब वह ज़मीन उड़ कर खसरा नम्बर 390 में पहुंच गई,, उसमें ही हमारे पहाड़ के ताऊ जी का मकान है जिसका खसरा नम्बर, 416 है,, यदि धामी जी की सरकार इस ओर शीघ्र ध्यान नहीं देती तो नवोदय नगर में क़ोई भी बड़ा हादसा हो सकता है क्यों की डीलर की पत्नी जज है और उसके साथी भू माफिया है,,
सोचिये या फिर समय नहीं है उन सबके बारे मे सोचने के लिए जो कभी अपने छोटे से आशियाने में तमाम सुख सुविधाओं से विलग रह कर भी खुद को जन्नत ( स्वर्ग ) का मालिक समझते थे उनको सरकारी फरमान मिला कि तुम सभी लोग अपना अपना सामान घरों से निकाल कर चले जाओ तुम्हारे रहने का अस्थाई बंदोबस्त कर दिया गया है,,यह मामला जनपद टिहरी का है जहाँ पर बाँध बनाने कि सस्तुति ब्रिटिश सरकार द्वारा पूर्व मे की जा चुकी थी,, यह ऐलान होते ही पहाड़ का दिल पसीज गया,, माँ जिसने उस छोटे से घर को हर पल अपनी आलीशान कोठी समझ कर सवारा था,,हालांकि सरकार द्वारा अस्थाई रूप से टिहरी में टीन सेट तैयार करवा दिए थे जहाँ लोग रहने लगे फिर शुरू हुआ,, पुनर्वास, वर्तमान में टी डी सी के घोटालो का खेल,, पट्टा आवंटन में भोले भाले लाभार्थी लोंगो को भनक तक नहीं हुई और करोड़ों का खेल हो गया,, इस खेल के नायक थे पुनर्वास के जिम्मेदार बिकाऊ लालची अधिकारी और पहाड़ के कुछ बुद्धिमान लोग जिनकी मिली भगत से पट्टा आवंटन प्रक्रिया में भारी घोटाला किया गया,, उस समय आधार कार्ड नहीं थे, पट्टा धारक को पता ही नहीं चला कि उसके नाम पट्टा हुआ है,, और बिक भी गया,, इस खेल में बड़े बड़े महान लोगों कि साजिस थी परिणाम पुनर्वास विभाग ही समाप्त,,घोटाले का नया सिस्टम तैयार टी डी सी,, पैसा लाओ पट्टा कराओ,, नीति को नया आयाम मिला,, डीलरों ने पैसा फेंका और तमासा देखा,, 🙏🙏🙏🙏🙏
