100 रुपये की रिश्वत मामले में
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने 39 साल बाद किया बाइज्जत बरी,!
( सत्य मेव जयते,,कानून में दम है भाई )
पुराने रिश्वतखोरी के मामले में एक व्यक्ति को राहत दी है। जगेश्वर प्रसाद अवस्थी पर बकाया बिल बनाने के लिए 100 रुपये की रिश्वत मांगने का आरोप था। निचली अदालत ने उन्हें दोषी ठहराया था लेकिन हाईकोर्ट ने सबूतों के अभाव में सजा को रद कर दिया। कोर्ट ने कहा कि अभियोजन पक्ष रिश्वत मांगने का ठोस सबूत पेश करने में विफल रहा।
40 साल बाद मिला इंसाफ हाईकोर्ट ने रिश्वतखोरी के मामले में सजा रद की। छत्तीगढ़ हाईकोर्ट के एक फैसले ने यह सिद्ध किया है कि न्याय मिलने में देर हो सकती है, लेकिन सत्य को छिपाया नहीं जा सकता है। दरअसल, 39 साल पुराने एक मामले में एक व्यक्ति को कोर्ट ने राहत दे दी है।
