सूत्रो से प्राप्त जानकारी के अनुसार जीते हुये सभासद द्वारा पी ए रखने एवम खुद फ़ोन रिसीव ना करने की चर्चा जोरो पर है, यह बात आग की तरह जनपद हरिद्वार मे फ़ैल गईं,,25 जनवरी को मतगड़ना के तुरंत दो दिन बाद एक महाशय ने सभासद जी को फ़ोन किया तो फ़ोन सभासद की जगह उनके पी ए ने रिसीव किया और कहा की अभी बात नहीं हो सकती,, फ़ोन करने वाले की यह बात सभी को चौकन्ना करने के लिये काफ़ी थी,, लेकिन हास्य प्रद भी थी,, लोगों की हंसी नहीं रुक रही थी,, कुछ लोगों ने कहा कि यह बात बेहद शर्मनाक है,, लेकिन गलती सभासद की नहीं नहीं थी,, वल्कि उनके साथ लगे लोगों ने उन्हें चुनाव जीतने के बाद बड़े बड़े ख्वाब दिखा दिए,, कि भाई जब सारी जनता ही तुम्हारे साथ है तो फिर अब आपको सांसद बनने से कोई रोक ही नहीं सकता,, बस फिर क्या था, वे देखने लगे मुंगेरी लाल के सपने और फ़ौरन बन गए सांसद पलक झपकते पी ए का अवतार हो गया,, सभसद हो तब फ़ोन रिसीव करें वो तो सांसद थे ना,,,
