( हाई कोर्ट न्यायाधीश न्यायमूर्ति का आदेश बना महज मजाक)
जनपद हरिद्वार में विशेष समुदाय के लोगों द्वारा परमीशन के नाम पर करोड़ों रुपए की प्रति माह राजस्व चोरी हो रही है ,, जिम्मेदार लोगों द्वारा इंट्री लेने के बाद हरी झंडी दिखाकर वर्षों से हो रहे परमीशन की आड़ में खनन का खुला तांडव सभी देख रहे हैं लेकिन मौन हैं,, आखिर क्यों,,? ख़बर नवीश भी सरकार द्वारा उपेक्षित होने के कारण समझौता करने के लिए विवश देखे जा सकते हैं,, लेकिन जिन्हे सरकार द्वारा सैलरी के साथ तमाम सुविधाएं दे रही है उनका मौन देश के लिए बेहद सोचनीय पहलू है,, हां यदि कुछ खबरें उपरोक्त खनन माफियायों के विरुद्ध प्रकाशित होती हैं तो उनके घर पर जा कर विशेष समुदाय के कुछ दबंग खनन माफिया उन्हें हांथ पैर तोड़ने, काटने की धमकी देते हैं,, यह बात हमारे देश के लिए शर्मनाक विषय है,, वैसे इस संबंध में हरित क्रांति दिल्ली एवम माननीय प्रधान मंत्री कार्यालय को गोपनीय सूचना कुछ जागरूक राष्ट्र एवम समाज सेवी संस्थाओं द्वारा भेजी गई है,, और आशा ही नहीं बल्कि पूर्ण विश्वास है कि तमाम दैवीय आपदाओं को आमंत्रण देने वाले अवैध खनन माफियाओ पर शिकंजा अवश्य कसा जायेगा! कुछ पत्रकारों का कहना है कि गोपनीय जानकारी देने पर संबंधित विभागीय अधिकारियों द्वारा खनन माफियाओं को बता दिया जाता है कि शिकायत किसने की है,, ताकि अवैध धन कमाने में रोड़ा बनने वालों को रास्ते से हटाया जा सके,,! लेकिन अपने उत्तरदायित्वों का भलीभांति निर्वाहन करने वाले एक ईमानदार अफसर के रुप में अपनी पहचान बनाने वाले एस डी एम पूरन सिंह राणा ने अचानक छापे मारी कर खनन माफियाओं के दिलों में एक खौफ पैदा कर दिया ,, यह घटना नवोदय नगर की है,, उनके द्वारा औचक निरीक्षण के उपरांत खनन बंद होना ही इस बात का प्रमाण है कि खनन पूरी तरह नियम के विरुद्ध हो रहा था,, तमाम लोगों द्वारा आज एस डी एम पूरण सिंह राणा की सराहना की जा रही है!