सैनिकों के पुनर्वास से संबंधित मामलों के लिए रक्षा मंत्रालय के पूर्व सैनिक कल्याण विभाग, पुनर्वास महानिदेशालय (DGR) द्वारा 13 फरवरी 2026 को गढ़ी कैंट, देहरादून (उत्तराखंड) में भारतीय सशस्त्र बलों के पूर्व सैनिकों के लिए रोजगार मेला आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य सेवा निवृत्त एवं सेवानिवृत्त होने वाले सैनिकों और कॉर्पोरेट संस्थाओं को एक मंच पर साथ लाना था।
माननीय गणेश जोशी, उत्तराखंड राज्य के पूर्व सैनिक कल्याण मंत्री, मेजर जनरल एसबीके सिंह, एस.एम, महानिदेशक (पुनर्वास) और श्री गौरव लाम्बा, निदेशक, भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) ने पूर्व सैनिक और कॉर्पोरेट प्रतिनिधि इस कार्यक्रम में सम्मिलित हुए।
माननीय सैनिक कल्याण मंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि उपस्थित सभी भूतपूर्व सैनिकों ने अपने जीवन का स्वर्णिम समय मातृभूमि की सेवा में समर्पित किया है और उनका अनुभव व कार्यनिष्ठा समाज तथा कॉर्पोरेट क्षेत्र के लिए अमूल्य धरोहर है। उन्होंने इस पहल की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह रोजगार मेला पूर्व सैनिकों को दूसरा करियर का अवसर प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है, जो प्रधानमंत्री के आत्मनिर्भर भारत, मेक इन इंडिया और स्वरोज़गार के संकल्प से जुड़ा है। केन्द्र सरकार पूर्व सैनिकों के पुनर्वास और उज्ज्वल भविष्य के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है तथा उनके समर्पण को सदैव नमन करती है।
कार्यक्रम में ब्रिगेडियर विनोद सिंह नेगी, कमांडेंट, गढ़वाल राइफल्स रेजिमेंटल सेंटर, ब्रिगेडियर सुधीर मलिक, एडीजी, डीआरजेड (पश्चिम), चंडीमंडिर और कर्नल आदित्य श्रीवास्तव, एससी, एसएम, कर्नल वेटरन, मुख्यालय यूके सब एरिया ने भी भाग लिया।
मेजर जनरल एसबीके सिंह, एस.एम, महानिदेशक (पुनर्वास) ने माननीय सैनिक कल्याण मंत्री जी का उनके गरिमामय उपस्थिति व उत्साहवर्धक संबोधन के लिए आभार व्यक्त किया तथा वीर नारियों, आश्रितों एवं सहभागी कंपनियों का स्वागत करते हुए कहा कि पूर्व सैनिकों का साहस, अनुशासन और नेतृत्व कौशल उद्योग जगत की आवश्यकताओं के अनुरूप है। डीजीआर इस रोजगार मेला के माध्यम से उत्तराखंड के पूर्व सैनिकों को गृह राज्य में ही सम्मानजनक दूसरा करियर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने पूर्व सैनिकों से अवसरों का लाभ उठाने तथा उद्योग जगत से इस अनुभवी मानव संसाधन को अपनाने का आह्वान करते हुए सहयोगी संस्थाओं का भी आभार व्यक्त किया।
उत्तराखंड क्षेत्र के पूर्व सैनिकों ने इस रोजगार मेले में अत्यंत उत्साहपूर्ण सहभागिता दिखाई। सेना, नौसेना एवं वायु सेना के 1250 से अधिक पूर्व सैनिकों ने रोजगार अवसरों हेतु पंजीकरण कर सक्रिय रूप से भाग लिया। वहीं, कुल 43 अग्रणी राष्ट्रीय एवं बहुराष्ट्रीय कंपनियों ने प्रत्यक्ष रूप से इस आयोजन में सक्रिय भागीदारी की और विभिन्न क्षेत्रों में 1,480 से अधिक रोजगार अवसर उपलब्ध कराए।
इस रोजगार मेले में प्रतिष्ठित राष्ट्रीय एवं बहुराष्ट्रीय कॉर्पोरेट संस्थानों तथा सरकारी एजेंसियों ने भागीदारी की। शॉर्टलिस्ट किए गए पूर्व सैनिकों की स्क्रीनिंग कर उन्हें सुपरवाइजरी, तकनीकी सहायता, जूनियर से सीनियर प्रबंधन एवं प्रशासनिक पदों के लिए चयनित किया गया।
गौरव लांबा, निदेशक, सीआईआई उत्तराखंड ने कार्यक्रम में कॉर्पोरेट अतिथि-विशेष के रूप में अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई।
कार्यक्रम में प्रमुख भर्ती करने वाली कंपनियों में जीनस पावर इंफ्रा लिमिटेड, एसआईएस, एचडीएफसी लाइफ इंश्योरेंस, आईसीआईसीआई बैंक, मैक्स हॉस्पिटल्स, हॉक सिक्योरिटी एजेंसी सहित कई अन्य प्रतिष्ठित संगठन शामिल रहे। प्रामेरिका लाइफ इंश्योरेंस ने चयन प्रक्रिया के दौरान चयनित दो अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए।
यह जॉब फेयर पूर्व सैनिकों के लिए अपनी तकनीकी, प्रबंधकीय एवं प्रशासनिक दक्षताओं को प्रदर्शित करने का एक महत्वपूर्ण मंच साबित हुआ। साथ ही, इस आयोजन ने उद्योग जगत को अनुशासित, कुशल एवं अनुभवी मानव संसाधन तक पहुंच बनाने का अवसर भी प्रदान किया।
यह आयोजन कॉर्पोरेट क्षेत्र और पूर्व सैनिकों – दोनों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध हुआ। जहाँ पूर्व सैनिकों को अपनी तकनीकी एवं प्रशासनिक दक्षताओं को प्रदर्शित करने का अवसर मिला, वहीं उद्योग जगत को अनुभवी, अनुशासित एवं प्रशिक्षित मानव संसाधन का मूल्यांकन करने का सशक्त मंच प्राप्त हुआ।
उल्लेखनीय है कि यह रोजगार मेला पुनर्वास महानिदेशालय (DGR) की एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसका उद्देश्य पूर्व सैनिकों को सम्मानजनक द्वितीय करियर विकल्प उपलब्ध कराना और उनके पुनर्वास को सुदृढ़ बनाना है
