ग्राम पंचायत क्षेत्र में प्रस्तावित औद्योगिक इकाई और गांव के मुख्य मार्ग पर गेट खोलने का मामला अब गंभीर टकराव की स्थिति में पहुंच गया है। मंगलवार को सैकड़ों ग्रामीणों ने एकजुट होकर प्रशासन के समक्ष विरोध दर्ज कराया। इस प्रदर्शन में भीम आर्मी जय भीम संगठन के पदाधिकारी व कार्यकर्ता भी शामिल रहे,ज्ञापन के माध्यम से स्पष्ट मांग रखी गई कि कंपनी का प्रवेश मार्ग गांव की ओर नहीं, बल्कि सिडकुल की दिशा में तय किया जाए,
ग्रामीणों का कहना है कि जिस मार्ग पर कंपनी गेट खोलना चाहती है, वह आसपास के कई गांवों का मुख्य आवागमन रास्ता है, पहले से ही यहां यातायात का दबाव रहता है। यदि भारी औद्योगिक वाहन इसी मार्ग से गुजरेंगे तो जाम, दुर्घटनाएं और जनजीवन में अव्यवस्था बढ़ना तय है। सबसे बड़ा खतरा स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर जताया जा रहा है,
प्रशासन ने मामले की संवेदनशीलता को समझते हुए जांच के निर्देश दिए हैं। उद्योग विभाग की टीम जल्द मौके पर जाकर स्थिति का निरीक्षण करेगी। हालांकि, क्षेत्रवासियों का कहना है कि वे केवल आश्वासन नहीं, स्पष्ट और ठोस निर्णय चाहते हैं,
भीम आर्मी और ग्रामीणों ने साफ संकेत दे दिया है कि यदि समाधान जनहित में नहीं हुआ, तो वे कंपनी के गेट पर शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन करने को बाध्य होंगे। यह लड़ाई उद्योग के खिलाफ नहीं, बल्कि गांव, बच्चों और जनसुरक्षा के अधिकार की है। ग्रामीणों का संकल्प साफ है—विकास होगा, लेकिन गांव की कीमत पर
