सामने आ रही है। नवोदय नगर में पर्वतीय बंधु समाज समिति के पदाधिकारियों के शपथ ग्रहण समारोह को लेकर समाज में असंतोष गहराता जा रहा है। हैरानी की बात यह है कि जहां नवोदय नगर में करीब 600 परिवार रहते हैं, वहीं शपथ ग्रहण कार्यक्रम में महज 25 लोग ही मौजूद रहे।अब सवाल उठता है—आख़िर माजरा क्या है?आरोप है कि समाज का चुनाव कुछ लोगों द्वारा गोपनीय तरीके से कराया गया। बताया जा रहा है कि पुराने पदाधिकारियों से इस्तीफा लिया गया और फिर बिना व्यापक सहमति के गुप्त रूप से नए पदाधिकारियों को पद सौंप दिए गए। इस पूरे घटनाक्रम पर पूर्व सचिव और अध्यक्ष से जवाब मांगा जा रहा है।
इसी बीच, महावीर गोसाई ने प्रेस वार्ता में कहा कि नवोदय नगर में पर्वतीय बंधु समाज समिति के पदाधिकारियों को जिस तरह गुप्त ढंग से पद सौंपे गए, वह समाज के लिए बेहद चिंताजनक है।महावीर गोसाई ने आगे आरोप लगाया कि मतगणना प्रक्रिया भी संदिग्ध है। उन्होंने मांग की कि मतगणना को रद्द कर पारदर्शी और सही तरीके से दोबारा कराई जाए, ताकि समिति में फिर से निष्पक्ष चुनाव हो सके।उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मांगें नहीं मानी गईं तो पर्वतीय बंधु समाज द्वारा आंदोलन किया जाएगा।
